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प्रयागराज में कुंभ संवाद परंपरा का पुनर्जागरण, महाकुंभ 2025 के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम
News Date:- 2024-10-15
प्रयागराज में कुंभ संवाद परंपरा का पुनर्जागरण, महाकुंभ 2025 के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम
vaishali jauhari

लखनऊ,15 Oct 2024

महाकुंभ 2025: योगी सरकार कर रही है कुंभ की प्राचीन संवाद परंपरा का पुनरुद्धार, प्रयागराज में होगा विशेष कॉन्क्लेव

महाकुंभ 2025 को विश्वस्तरीय स्तर पर पहुंचाने और इसकी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक महत्ता को और गहराई से समझने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुंभ की प्राचीन संवाद परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है. इसी दिशा में प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में 25 से 27 अक्टूबर तक तीसरे कुंभ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. इस आयोजन में एमएनएनआईटी के इनोवेशन और इनक्यूबेशन हब के साथ इंडिया थिंक काउंसिल और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की सहभागिता होगी.

कुंभ का वैश्विक महत्व

महाकुंभ 2025 के आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कुंभ कॉन्क्लेव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिससे इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रसारित किया जा सके. कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि यह भारतीय संस्कृति, समाज और वैचारिक विविधता का प्रतीक है. यूनेस्को ने भी कुंभ को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के रूप में मान्यता दी है.

तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में दस से अधिक सत्र

कुंभ कॉन्क्लेव में दस से अधिक तकनीकी सत्र होंगे जिनमें देश और विदेश के विद्वान शामिल होंगे. इंडिया थिंक काउंसिल के निदेशक डॉ. सौरभ के अनुसार इस कार्यक्रम के माध्यम से कुंभ की संवाद परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है. प्राचीन काल से कुंभ मेला धर्म, समाज और व्यवस्था पर गहन विचार-विमर्श का मंच रहा है जिससे समाज और शासन व्यवस्था के लिए नए समाधान खोजे जा सकें.

महत्वपूर्ण हस्तियों की उपस्थिति

तीन दिवसीय इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं. इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि भी इसमें मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे.

कुंभ संवाद की प्राचीन परंपरा का पुनरुत्थान

कुंभ कॉन्क्लेव का उद्देश्य कुंभ की उस प्राचीन संवाद परंपरा को पुनर्जीवित करना है जो सदियों से समाज,धर्म और व्यवस्था के मुद्दों पर गहन विचार मंथन का मंच रही है. इस बार के कॉन्क्लेव में 11 सत्रों में अखाड़ा, आश्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फूड सिक्योरिटी, टेंपल इकोनॉमी और उद्यमिता जैसे विषयों पर चर्चा होगी. विभिन्न विषय विशेषज्ञ और विद्वान इन मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे जिससे समाज को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त होंगे.

महाकुंभ 2025 के आयोजन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के संवाद और चिंतन सत्र बेहद महत्वपूर्ण हैं जो इस आयोजन को न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी और अधिक समृद्ध बनाएंगे.

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